क्या हकलाना स्पीच थेरेपी से ठीक होता है?

हकलाना कोई बिमारी नहीं है, ये सिर्फ बोलने की एक आदत है जिसे रिवर्स किया जा सकता है।
हकलाने की दिक्कत को हम स्पीच थेरेपी से मैनेज कर सकते है।
स्पीच थेरेपी में, हकलाने के दौरान जिन टैकनिकस का उपयोग करके हम इससे बाहर निकल सकते है वो सिखाई जाती है, बहुत सारी टैकनिकस का अभ्यास कराया जाता है, बहुत सारे तरीके सिखाए जाते है कि अगर बात करते करते बीच में हकलाने लगे तो उस समय कैसे हकलाहट से बाहर निकला जाए।

स्पीच थेरेपी में टैकनिकस सिखाई जाती है कि कैसे हम अपनी बात शुरू करें, किसी से बात करते समय किन किन बातों का ध्यान रखें ताकि हम बात के बीच में ना हकलाए और अपनी बात की शुरुआत करने में हमें कोई दिक्कत ना आए। क्योंकि जो लोग हकलाते हैं , उनको सबसे ज्यादा दिक्कत बात शुरू करने में ही आती है।

कुछ लोग किसी किसी शब्दों पर ही हकलाते हैं फिर उनको स्पीच थेरेपी में,उन शब्दों को निकालने का तरीका सिखाया जाता है और उन शब्दों का अभ्यास कराया जाता है।
जैसे कि हकलाना एक आदत है तो जितनी ज्यादा समय से हमें ऐसे गलत बोलने की आदत होती है उसे ठीक करने में हमें उतना ही समय लगता है।

अगर आपको या आपके आसपास किसी को हकलाने की दिक्कत हो तो अपने आसपास स्पीच थेरेपिस्ट से राय ले और समय से थेरेपी करवाएं।

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