Why is AUTISM in India still not taken seriously?


— India मे Autism का Diagnosis ही नहीं हो पाता है क्यूंकि Awaarness नही है।
लोगो को लगता है कि बच्चा बड़ा हो जायेगा तो ठीक हो जाएगा।
School जाने लगेगा तो ठीक हो जाएगा।
इस तरह से parents बच्चे का Age बड़ा देते हैं। कुछ time तो banned medicine लेने में ही time खराब कर देते हैंक्योंकि parents को shortcut treatment चाहिए।
Parents therapy को importance नही देते हैं।
जब time निकलने के बाद बच्चा बड़ा हो जाता है तब parents therapy center आते हैं_ उसके बाद parents को therapy center से magic treatment की उम्मीद होती है।

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